Correct Answer:
Option C - संविधान के भाग-5, अनुच्छेद 76 के तहत भारत में महान्यायवादी के पद का सृजन किया गया है। महान्यायवादी भारत सरकार का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है। यह भारत सरकार को विधिक मामलों पर सलाह देता है। वह उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व भी करता है। महान्यायवादी की नियुक्ति संघीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति की राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
नोटः-भारत का महान्यायवादी एक ऐसा पदाधिकारी होता है। जो संसद का सदस्य न होते हुए भी संसद की कार्यवाहियों में भाग ले सकता है। किन्तु उसे विधेयक पर मतदान का अधिकार नहीं होता है।
C. संविधान के भाग-5, अनुच्छेद 76 के तहत भारत में महान्यायवादी के पद का सृजन किया गया है। महान्यायवादी भारत सरकार का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है। यह भारत सरकार को विधिक मामलों पर सलाह देता है। वह उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व भी करता है। महान्यायवादी की नियुक्ति संघीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति की राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
नोटः-भारत का महान्यायवादी एक ऐसा पदाधिकारी होता है। जो संसद का सदस्य न होते हुए भी संसद की कार्यवाहियों में भाग ले सकता है। किन्तु उसे विधेयक पर मतदान का अधिकार नहीं होता है।