Correct Answer:
Option B - जैव विविधता हॉटस्पॉट की अवधारणा 1988 में नॉर्मन मायर्स द्वारा विकसित की गई थी। उन्होंने पौधों की स्थानिकता के स्तर तथा पर्यावास के उच्च स्तर की हानि के अनुसार 10 उष्ण कटिबंधीय वनों को हॉटस्पॉट के रूप में मान्यता दी। दो वर्ष पश्चात उन्होने 8 अन्य हॉटस्पॉट जोड़े, जिससे विश्व में हॉटस्पॉट की संख्या बढ़कर 18 हो गई, विश्व के 36 जैव विविधता वाले हॉटस्पॉट में से 4 भारत में है। हिमालय, पश्चिमी घाट, इंडों-बर्मा क्षेत्र और सुंडालैण्ड।
B. जैव विविधता हॉटस्पॉट की अवधारणा 1988 में नॉर्मन मायर्स द्वारा विकसित की गई थी। उन्होंने पौधों की स्थानिकता के स्तर तथा पर्यावास के उच्च स्तर की हानि के अनुसार 10 उष्ण कटिबंधीय वनों को हॉटस्पॉट के रूप में मान्यता दी। दो वर्ष पश्चात उन्होने 8 अन्य हॉटस्पॉट जोड़े, जिससे विश्व में हॉटस्पॉट की संख्या बढ़कर 18 हो गई, विश्व के 36 जैव विविधता वाले हॉटस्पॉट में से 4 भारत में है। हिमालय, पश्चिमी घाट, इंडों-बर्मा क्षेत्र और सुंडालैण्ड।