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Q: Who introduced IDEAL model as a problem solving model for teaching and learning ? शिक्षण और सीखने के लिए समस्या समाधान मॉडल के रूप में आदर्श मॉडल किसने पेश किया?
  • A. Jean Piaget/जीन पियाजे
  • B. Bransford/ब्रेंस्फोर्ड
  • C. Paulo Freire/पाउलो फ्रेइरे
  • D. John Locke/जॉन लॉक
Correct Answer: Option B - IDEAL मॉडल को शिक्षण और सीखने के लिए समस्या-समाधान मॉडल के रूप में ‘ब्रान्सफोर्ड’ ने दिया। समस्या-समाधान के कई मॉडल हैं। सामान्य समरूपों को हल करने के लिए ऐसा एक मॉडल ब्रान्सफोर्ड (ब्रांसफोर्ड और स्टीन, 1984) का IDEAL (आदर्श) मॉडल है। इस मॉडल की व्याख्या इस प्रकार है– • समस्या की पहचान करना (Identify) • समस्या के बारे में सोचने और प्रासंगिक जानकारी को छाटने के माध्यम से समस्या को परिभाषित करना (Define). • विकल्पों को देखना (Explore), विचार मंथन और विभिन्न दृष्टिकोणों को देखने के माध्यम से समाधानों का अन्वेषण करना। • रणनीतियों पर कार्य करना (Act), • पीछे मुड़कर देखना (Look) और अपनी गतिविधि के प्रभावों का मूल्यांकन करना।
B. IDEAL मॉडल को शिक्षण और सीखने के लिए समस्या-समाधान मॉडल के रूप में ‘ब्रान्सफोर्ड’ ने दिया। समस्या-समाधान के कई मॉडल हैं। सामान्य समरूपों को हल करने के लिए ऐसा एक मॉडल ब्रान्सफोर्ड (ब्रांसफोर्ड और स्टीन, 1984) का IDEAL (आदर्श) मॉडल है। इस मॉडल की व्याख्या इस प्रकार है– • समस्या की पहचान करना (Identify) • समस्या के बारे में सोचने और प्रासंगिक जानकारी को छाटने के माध्यम से समस्या को परिभाषित करना (Define). • विकल्पों को देखना (Explore), विचार मंथन और विभिन्न दृष्टिकोणों को देखने के माध्यम से समाधानों का अन्वेषण करना। • रणनीतियों पर कार्य करना (Act), • पीछे मुड़कर देखना (Look) और अपनी गतिविधि के प्रभावों का मूल्यांकन करना।

Explanations:

IDEAL मॉडल को शिक्षण और सीखने के लिए समस्या-समाधान मॉडल के रूप में ‘ब्रान्सफोर्ड’ ने दिया। समस्या-समाधान के कई मॉडल हैं। सामान्य समरूपों को हल करने के लिए ऐसा एक मॉडल ब्रान्सफोर्ड (ब्रांसफोर्ड और स्टीन, 1984) का IDEAL (आदर्श) मॉडल है। इस मॉडल की व्याख्या इस प्रकार है– • समस्या की पहचान करना (Identify) • समस्या के बारे में सोचने और प्रासंगिक जानकारी को छाटने के माध्यम से समस्या को परिभाषित करना (Define). • विकल्पों को देखना (Explore), विचार मंथन और विभिन्न दृष्टिकोणों को देखने के माध्यम से समाधानों का अन्वेषण करना। • रणनीतियों पर कार्य करना (Act), • पीछे मुड़कर देखना (Look) और अपनी गतिविधि के प्रभावों का मूल्यांकन करना।