Explanations:
वर्ष 1964 में चण्डीप्रसाद भट्ट ने दशौली ग्राम स्वराज संघ की स्थापना की। सत्तर के दशक में इन्होंने चिपको आंदोलन को गति देने के लिये ‘दाल्यों का दगड्या’ नामक स्वयंसेवी संस्था का गठन किया। पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिये 1982 में इन्हें एशिया के सबसे बड़े पुरस्कार ‘रेमन मैग्सेसे’ से सम्मानित किया गया।