Correct Answer:
Option D - जैव विकास को सर्वप्रथम लैमार्क ने समझाने का प्रयास किया। इनका सिद्धान्त लैमार्कवाद के नाम से जाना जाता है। यह फ्रांसीसी जीव वैज्ञानिक थे। इनके अनुसार ‘जीवों के आंतरिक बल में जीवों के आकार को बढ़ाने की प्रवृत्ति होती है- जैसे लैमार्क के अनुसार जिराफ की गर्दन लम्बी इसलिए हुई क्योंकि वह ऊँचे पेड़ों की पत्तियां खाते थे। डार्विन ने भी विकासवाद को परिभाषित किया है, जबकि न्यूटन और आइन्स्टाइन मूलत: भौतिक विज्ञान से जुड़े थे।
D. जैव विकास को सर्वप्रथम लैमार्क ने समझाने का प्रयास किया। इनका सिद्धान्त लैमार्कवाद के नाम से जाना जाता है। यह फ्रांसीसी जीव वैज्ञानिक थे। इनके अनुसार ‘जीवों के आंतरिक बल में जीवों के आकार को बढ़ाने की प्रवृत्ति होती है- जैसे लैमार्क के अनुसार जिराफ की गर्दन लम्बी इसलिए हुई क्योंकि वह ऊँचे पेड़ों की पत्तियां खाते थे। डार्विन ने भी विकासवाद को परिभाषित किया है, जबकि न्यूटन और आइन्स्टाइन मूलत: भौतिक विज्ञान से जुड़े थे।