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Q: Who drew Gandhiji's attention to the plight of indigo peasants in Champaran ? चम्पारण में इंडिगों के किसानों की दशा की ओर गांधीजी का ध्यान किसने आकर्षित किया?
  • A. Rajendra Prasad/राजेन्द्र प्रसाद
  • B. Anugarh Narayan Sinha/अनुग्रह नारायण सिन्हा
  • C. Acharya Kripalani/आचार्य कृपलानी
  • D. Raj Kumar Shukla/राजकुमार शुक्ल
Correct Answer: Option D - गांधीजी के नेतृत्व में बिहार के चम्पारण जिले में 1917 में एक सत्याग्रह हुआ था। इसे चम्पारण सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है। यह गांधी जी का प्रथम आंदोलन था। चंपारण आंदोलन मुख्य रूप से किसानों की दुर्दशा को दूर करने के लिए किया गया था। महात्मा गांधी किसानों की समस्या दूर करने 10 अप्रैल 1917 को राजकुमार शुक्ल के निमंत्रण पर चंपारण पहुँचे थे। वास्तव में उस समय अंग्रेजों के नियम कानून के चलते किसानों को खाद्यान्न की बजाय अपने जोत के एक हिस्से पर मजबूरन नील की खेती करनी होती थी। जिससे किसानों की स्थिति दयनीय हो गयी थी।
D. गांधीजी के नेतृत्व में बिहार के चम्पारण जिले में 1917 में एक सत्याग्रह हुआ था। इसे चम्पारण सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है। यह गांधी जी का प्रथम आंदोलन था। चंपारण आंदोलन मुख्य रूप से किसानों की दुर्दशा को दूर करने के लिए किया गया था। महात्मा गांधी किसानों की समस्या दूर करने 10 अप्रैल 1917 को राजकुमार शुक्ल के निमंत्रण पर चंपारण पहुँचे थे। वास्तव में उस समय अंग्रेजों के नियम कानून के चलते किसानों को खाद्यान्न की बजाय अपने जोत के एक हिस्से पर मजबूरन नील की खेती करनी होती थी। जिससे किसानों की स्थिति दयनीय हो गयी थी।

Explanations:

गांधीजी के नेतृत्व में बिहार के चम्पारण जिले में 1917 में एक सत्याग्रह हुआ था। इसे चम्पारण सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है। यह गांधी जी का प्रथम आंदोलन था। चंपारण आंदोलन मुख्य रूप से किसानों की दुर्दशा को दूर करने के लिए किया गया था। महात्मा गांधी किसानों की समस्या दूर करने 10 अप्रैल 1917 को राजकुमार शुक्ल के निमंत्रण पर चंपारण पहुँचे थे। वास्तव में उस समय अंग्रेजों के नियम कानून के चलते किसानों को खाद्यान्न की बजाय अपने जोत के एक हिस्से पर मजबूरन नील की खेती करनी होती थी। जिससे किसानों की स्थिति दयनीय हो गयी थी।