Correct Answer:
Option A - विधानमण्डलों में प्रवेश को लेकर 1922 में कांग्रेस के गया अधिवेशन में मोतीलाल नेहरू और सी.आर. दास की योजना को बहुमत से अस्वीकार कर दिया गया। फलस्वरूप मार्च 1923 में चितरंजन दास तथा मोतीलाल नेहरू ने इलाहाबाद में ‘कांग्रेस खिलाफत स्वराज पाटी’ की स्थापना की, जिसे समान्यतया स्वराज पार्टी के नाम से जाना जाता है।
A. विधानमण्डलों में प्रवेश को लेकर 1922 में कांग्रेस के गया अधिवेशन में मोतीलाल नेहरू और सी.आर. दास की योजना को बहुमत से अस्वीकार कर दिया गया। फलस्वरूप मार्च 1923 में चितरंजन दास तथा मोतीलाल नेहरू ने इलाहाबाद में ‘कांग्रेस खिलाफत स्वराज पाटी’ की स्थापना की, जिसे समान्यतया स्वराज पार्टी के नाम से जाना जाता है।