Correct Answer:
Option A - ऋग्वैदिक समाज में स्त्रियों की स्थिति अच्छी थी और उन्हें शिक्षा उपनयन एवं वेदाध्ययन तथा यज्ञ में भाग लेने का अधिकार प्राप्त था। ऋग्वेद में पत्नी को जायेदस्तम कहा गया। अर्थात् पत्नी ही गृह है। कई विदुषी महिलाओं जैसे- घोषा, लोपा, मुद्रा, विश्ववारा, अपाला आदि ने वैदिक सूक्तों की रचना की।
A. ऋग्वैदिक समाज में स्त्रियों की स्थिति अच्छी थी और उन्हें शिक्षा उपनयन एवं वेदाध्ययन तथा यज्ञ में भाग लेने का अधिकार प्राप्त था। ऋग्वेद में पत्नी को जायेदस्तम कहा गया। अर्थात् पत्नी ही गृह है। कई विदुषी महिलाओं जैसे- घोषा, लोपा, मुद्रा, विश्ववारा, अपाला आदि ने वैदिक सूक्तों की रचना की।