Correct Answer:
Option B - समाजवाद के अंतर्गत सांस्कृतिक क्रान्ति का विचार माओत्से-तुंग ने प्रतिपादित किया। माओ के सांस्कृतिक क्रान्ति की अवधारणा केवल संस्कृति तक ही सीमित नहीं थी। उसने शिक्षा के क्षेत्र में भी सिद्धान्त को व्यवहार से जोड़ने की बात कही। इस क्रान्ति को आर्थिक विकास से भी जोड़ा गया। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर भी पूरा जोर दिया गया। सांस्कृतिक क्रान्ति के नेताओं का यह प्रयास था कि प्रत्येक क्षेत्र जहाँ तक हो सके कृषि और औद्योगिक दृष्टि से स्वालम्बी बने। इस क्रान्ति का राजनीतिक परिणाम था – माओ द्वारा अपने विरोध एवं विरोधियों को कुचलना।
B. समाजवाद के अंतर्गत सांस्कृतिक क्रान्ति का विचार माओत्से-तुंग ने प्रतिपादित किया। माओ के सांस्कृतिक क्रान्ति की अवधारणा केवल संस्कृति तक ही सीमित नहीं थी। उसने शिक्षा के क्षेत्र में भी सिद्धान्त को व्यवहार से जोड़ने की बात कही। इस क्रान्ति को आर्थिक विकास से भी जोड़ा गया। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर भी पूरा जोर दिया गया। सांस्कृतिक क्रान्ति के नेताओं का यह प्रयास था कि प्रत्येक क्षेत्र जहाँ तक हो सके कृषि और औद्योगिक दृष्टि से स्वालम्बी बने। इस क्रान्ति का राजनीतिक परिणाम था – माओ द्वारा अपने विरोध एवं विरोधियों को कुचलना।