Correct Answer:
Option B - फतवा-ए-जहाँदारी’ के लेखक जियाउद्दीन बरनी है। जियाउद्दीन बरनी बुलन्दशहर जिले के बरन के निवासी थे। ये मुहम्मद बिन तुगलक तथा फिरोजशाह तुगलक के साथ रहे, इनकी इस पुस्तक को सल्तनत कालीन प्रशासन का महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। तारीखे -फिरोजशाही की रचना भी बरनी ने की है। अबुल फजल की प्रमुख रचनाओं में अकबरनामा एवं आइने अकबरी तथा शैख फैजी ने लीलावती (गणित की पुस्तक) का फारसी भाषा में अनुवाद किया था।
B. फतवा-ए-जहाँदारी’ के लेखक जियाउद्दीन बरनी है। जियाउद्दीन बरनी बुलन्दशहर जिले के बरन के निवासी थे। ये मुहम्मद बिन तुगलक तथा फिरोजशाह तुगलक के साथ रहे, इनकी इस पुस्तक को सल्तनत कालीन प्रशासन का महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। तारीखे -फिरोजशाही की रचना भी बरनी ने की है। अबुल फजल की प्रमुख रचनाओं में अकबरनामा एवं आइने अकबरी तथा शैख फैजी ने लीलावती (गणित की पुस्तक) का फारसी भाषा में अनुवाद किया था।