Correct Answer:
Option B - डी.के. कर्वे प्रसिद्ध समाज सुधारक थे। उन्होंने महिलाओं के उत्थान, मुक्ति एवं शिक्षा के लिए कार्य किया। विधवा पुनर्विवाह संघ के सचिव थे। वर्ष 1899 में पूना में एक विधवा आश्रम की स्थापना की। वर्ष 1916 में बम्बई में प्रथम महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की। उन्होंने स्वयं एक ब्राह्मण विधवा से विवाह किया। इनकी आत्मकथा का शीर्षक-लुकिंग बैक है।
B. डी.के. कर्वे प्रसिद्ध समाज सुधारक थे। उन्होंने महिलाओं के उत्थान, मुक्ति एवं शिक्षा के लिए कार्य किया। विधवा पुनर्विवाह संघ के सचिव थे। वर्ष 1899 में पूना में एक विधवा आश्रम की स्थापना की। वर्ष 1916 में बम्बई में प्रथम महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की। उन्होंने स्वयं एक ब्राह्मण विधवा से विवाह किया। इनकी आत्मकथा का शीर्षक-लुकिंग बैक है।