Correct Answer:
Option C - सन् 1964 में भारत की केन्द्रीय सरकार, डॉ. दौलत सिंह कोठारी की अध्ययक्षता में स्कूली शिक्षा प्रणाली को नया आकार व नयी दिशा देने के उद्देश्य से एक आयोग का गठन। किया इसे ‘‘कोठारी आयोग’’ के नाम से जाना जाता है। इस आयोग ने माध्यामिक, उच्चतर माध्यामिक और विश्वविद्यालय शिक्षा के लिए ‘‘10+2+3’’ पैटर्न की अवधारणा की सिफारिश की थी।
इस संरचना में बताया गया है कि छात्र दसवीं (10) तक सेकेंडरी शिक्षा लेगा उसके बाद 2 वर्ष तक सीनियर सेंकेडरी शिक्षा प्राप्त करेगा, उसके बाद अगले 3 वर्ष तक स्नातक की परीक्षा पास करेगा।
C. सन् 1964 में भारत की केन्द्रीय सरकार, डॉ. दौलत सिंह कोठारी की अध्ययक्षता में स्कूली शिक्षा प्रणाली को नया आकार व नयी दिशा देने के उद्देश्य से एक आयोग का गठन। किया इसे ‘‘कोठारी आयोग’’ के नाम से जाना जाता है। इस आयोग ने माध्यामिक, उच्चतर माध्यामिक और विश्वविद्यालय शिक्षा के लिए ‘‘10+2+3’’ पैटर्न की अवधारणा की सिफारिश की थी।
इस संरचना में बताया गया है कि छात्र दसवीं (10) तक सेकेंडरी शिक्षा लेगा उसके बाद 2 वर्ष तक सीनियर सेंकेडरी शिक्षा प्राप्त करेगा, उसके बाद अगले 3 वर्ष तक स्नातक की परीक्षा पास करेगा।