Correct Answer:
Option D - गयासुद्दीन बलबन का शासनकाल 1266 ई. से 1286 ई. तक था। यह इल्बरी तुर्क था। बलबन ने स्वयं को फिरदौसी के शाहनामा में वर्णित अफरासियाब वंश का बताया था। तथा कुलीनता पर विशेष बल दिया। उसने दरबार में ईरानी आदर्शों को स्थापित किया। ‘सिजदा’ और ‘पाबोस’ की प्रथा शुरू की। उसने ईरानी त्योहार ‘नौरोज’ को मनाना प्रारम्भ किया।
D. गयासुद्दीन बलबन का शासनकाल 1266 ई. से 1286 ई. तक था। यह इल्बरी तुर्क था। बलबन ने स्वयं को फिरदौसी के शाहनामा में वर्णित अफरासियाब वंश का बताया था। तथा कुलीनता पर विशेष बल दिया। उसने दरबार में ईरानी आदर्शों को स्थापित किया। ‘सिजदा’ और ‘पाबोस’ की प्रथा शुरू की। उसने ईरानी त्योहार ‘नौरोज’ को मनाना प्रारम्भ किया।