Correct Answer:
Option A - जल का प्रारंभिक उपचार–
(i) जल का छन्नीकरण (Screening of water)
(ii) जल का वातन (Airation of water)
(i) जल का छन्नीकरण– बहते पानी में छोटी-बड़ी सभी प्रकार की निलम्बित अशुद्धियाँ जैसे– घास, फूस, तिनके, पत्ते, जड़े, जलीय-वनस्पति, जल-जीव, मछली तथा मृत पिण्ड आदि पायी जाती है। जिनको प्रारम्भिक अवस्था पर ही अलग कर देना चाहिए।
A. जल का प्रारंभिक उपचार–
(i) जल का छन्नीकरण (Screening of water)
(ii) जल का वातन (Airation of water)
(i) जल का छन्नीकरण– बहते पानी में छोटी-बड़ी सभी प्रकार की निलम्बित अशुद्धियाँ जैसे– घास, फूस, तिनके, पत्ते, जड़े, जलीय-वनस्पति, जल-जीव, मछली तथा मृत पिण्ड आदि पायी जाती है। जिनको प्रारम्भिक अवस्था पर ही अलग कर देना चाहिए।