Correct Answer:
Option D - झरने (Springs):- कभी-कभी दो अप्रवेश्य स्तरों के बीच कोई प्रवेश्य तह जिसका मुख (Out crop) कहीं किसी दूर ऊँचाई पर स्थित होता है, में रूका हुआ जल, अधिक दाब होने पर, भूमि की दरारों व फटान से बाहर फूट पड़ता है, झरना कहलाता है।
स्थिति के अनुसार झरने-
(i) गुरुत्व झरना (gravity springs)
(ii) उत्स्रुत झरना (artesian springs)
∎ अप्रवेश्य परत में दरार या फटान की उपस्थिति के कारण बना झरना उत्स्रुत झरना कहलाता है।
D. झरने (Springs):- कभी-कभी दो अप्रवेश्य स्तरों के बीच कोई प्रवेश्य तह जिसका मुख (Out crop) कहीं किसी दूर ऊँचाई पर स्थित होता है, में रूका हुआ जल, अधिक दाब होने पर, भूमि की दरारों व फटान से बाहर फूट पड़ता है, झरना कहलाता है।
स्थिति के अनुसार झरने-
(i) गुरुत्व झरना (gravity springs)
(ii) उत्स्रुत झरना (artesian springs)
∎ अप्रवेश्य परत में दरार या फटान की उपस्थिति के कारण बना झरना उत्स्रुत झरना कहलाता है।