Correct Answer:
Option A - एंटी–ऐक्टिनिक कांच का प्रयोग समान्यत: रेलवे कोच (डिब्बे) के लिए किया जाता है। यह शीट कांच, बालू, चाक तथा सोडा को पिघलाकर बनाया जाता है। इसका उपयोग शीटे, दरवाजे, खिड़कियों, वाहनों के पिण्ड स्क्रीनो, विभाजक दिवारो तथा दर्पण बनाने में किया जाता है। पायरेक्स कांच सामान्यत: कांच, बालू, बोरेक्स सोडा व एल्युमिनियम मिलाकर बनाया जाता है। यह कांच गर्म करने पर टूटता नहीं है। अर्थात यह ताप सह होता है। प्रयोगशाला के उपकरण, व बिजली की वस्तुएं बनाने में इसी कांच का प्रयोग किया जाता है।
A. एंटी–ऐक्टिनिक कांच का प्रयोग समान्यत: रेलवे कोच (डिब्बे) के लिए किया जाता है। यह शीट कांच, बालू, चाक तथा सोडा को पिघलाकर बनाया जाता है। इसका उपयोग शीटे, दरवाजे, खिड़कियों, वाहनों के पिण्ड स्क्रीनो, विभाजक दिवारो तथा दर्पण बनाने में किया जाता है। पायरेक्स कांच सामान्यत: कांच, बालू, बोरेक्स सोडा व एल्युमिनियम मिलाकर बनाया जाता है। यह कांच गर्म करने पर टूटता नहीं है। अर्थात यह ताप सह होता है। प्रयोगशाला के उपकरण, व बिजली की वस्तुएं बनाने में इसी कांच का प्रयोग किया जाता है।