Correct Answer:
Option C - काली कपासी मृदा में जलांश परिवर्तन के साथ मृदा में बहुत अधिक आयतनिक परिवर्तन होता है जो नींव के लिए बहुत हानिकारक होता है। पानी के सम्पर्क में आने पर मृदा बहुत मुलायम हो जाती है और इसकी धारण क्षमता कम हो जाती है।
अत: स्कूल भवन के निर्माण के लिए काली कपास वाली मृदा पर मैट नींव का निर्माण करते है।
C. काली कपासी मृदा में जलांश परिवर्तन के साथ मृदा में बहुत अधिक आयतनिक परिवर्तन होता है जो नींव के लिए बहुत हानिकारक होता है। पानी के सम्पर्क में आने पर मृदा बहुत मुलायम हो जाती है और इसकी धारण क्षमता कम हो जाती है।
अत: स्कूल भवन के निर्माण के लिए काली कपास वाली मृदा पर मैट नींव का निर्माण करते है।