Correct Answer:
Option C - तृतीय बौद्ध परिषद (संगीति) का आयोजन 250 ई.पू. में अशोक के द्वारा पाटलिपुत्र में कराया गया था। इसकी अध्यक्षता मोग्गलिपुत्त तिस्स द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य संघ भेद के विरुद्ध कठोर नियमों का प्रतिपादन करके बौद्ध धर्म को स्थायित्व प्रदान करना था। इसमें धर्म ग्रंथो को अंतिम रूप से सम्पादित किया गया एवं तीसरे पिटक अभिधम्मपिटक को जो़ड़ा गया। ज्ञातव्य है कि प्रथम बौद्ध संगीति में बुद्ध के उपदेशों को दो पिटकों विनय पिटकों तथा सुत्तपिटक में संकलित किया गया था।
C. तृतीय बौद्ध परिषद (संगीति) का आयोजन 250 ई.पू. में अशोक के द्वारा पाटलिपुत्र में कराया गया था। इसकी अध्यक्षता मोग्गलिपुत्त तिस्स द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य संघ भेद के विरुद्ध कठोर नियमों का प्रतिपादन करके बौद्ध धर्म को स्थायित्व प्रदान करना था। इसमें धर्म ग्रंथो को अंतिम रूप से सम्पादित किया गया एवं तीसरे पिटक अभिधम्मपिटक को जो़ड़ा गया। ज्ञातव्य है कि प्रथम बौद्ध संगीति में बुद्ध के उपदेशों को दो पिटकों विनय पिटकों तथा सुत्तपिटक में संकलित किया गया था।