Correct Answer:
Option A - जलराशि सर्वेक्षण (Hydrographic surveying)– प्रवाहित अथवा शांत जल-पिण्ड से संबंधित सर्वेक्षण, जलराशि सर्वेक्षण कहलाता है। यह जल नदी-नालो, झीलों, खाड़ी, समुद्र बंदरगाहों आदि से संग्रहित हो सकता है।
जलराशि सर्वेक्षण का उपयोग निम्नलिखित हैं–
∎ तल की गहराई निर्धारित करने में।
∎ नौकायन चार्ट तैयार करने में।
∎ औसत समुद्र तल का पता लगाने में।
∎ तट रेखा निर्धारित करने के लिये।
∎ नदी और जल धारा निर्वहन मापन के लिये।
∎ ज्वार-भाटा (Tidalwave) मापन के लिये ।
∎ पुल, बाँध, बंदरगाह जैसी विशाल संरचनाओं की योजना बनाने के लिए।
A. जलराशि सर्वेक्षण (Hydrographic surveying)– प्रवाहित अथवा शांत जल-पिण्ड से संबंधित सर्वेक्षण, जलराशि सर्वेक्षण कहलाता है। यह जल नदी-नालो, झीलों, खाड़ी, समुद्र बंदरगाहों आदि से संग्रहित हो सकता है।
जलराशि सर्वेक्षण का उपयोग निम्नलिखित हैं–
∎ तल की गहराई निर्धारित करने में।
∎ नौकायन चार्ट तैयार करने में।
∎ औसत समुद्र तल का पता लगाने में।
∎ तट रेखा निर्धारित करने के लिये।
∎ नदी और जल धारा निर्वहन मापन के लिये।
∎ ज्वार-भाटा (Tidalwave) मापन के लिये ।
∎ पुल, बाँध, बंदरगाह जैसी विशाल संरचनाओं की योजना बनाने के लिए।