Correct Answer:
Option D - आयतनात्मक विकृति (Volumetric Strain)- पिण्ड के आयतन में परिवर्तन का मूल आयतन से अनुपात आयतनात्मक विकृति कहलाता हैं।
■ आयतनात्मक विकृति को फैलाव विकृति के रूप में भी जाना जाता है।
कर्तन विकृति (Shear Strain)-पिण्ड की सतह पर सतह के समान्तर बल लगाने से होने वाले कोणीय परिवर्तन को कर्तन विकृति कहते हैं।
रेखीय विकृति (Linear Strain)- किसी पिण्ड के अक्ष के समान्तर बल लगाने पर लम्बाई में परिवर्तन का मूल लम्बाई से अनुपात रेखीय विकृति कहलाता है।
रेखीय विकृति दो प्रकार की होती है-(i) तनन रेखीय विकृति (ii) सम्पीडन रेखीय विकृति
D. आयतनात्मक विकृति (Volumetric Strain)- पिण्ड के आयतन में परिवर्तन का मूल आयतन से अनुपात आयतनात्मक विकृति कहलाता हैं।
■ आयतनात्मक विकृति को फैलाव विकृति के रूप में भी जाना जाता है।
कर्तन विकृति (Shear Strain)-पिण्ड की सतह पर सतह के समान्तर बल लगाने से होने वाले कोणीय परिवर्तन को कर्तन विकृति कहते हैं।
रेखीय विकृति (Linear Strain)- किसी पिण्ड के अक्ष के समान्तर बल लगाने पर लम्बाई में परिवर्तन का मूल लम्बाई से अनुपात रेखीय विकृति कहलाता है।
रेखीय विकृति दो प्रकार की होती है-(i) तनन रेखीय विकृति (ii) सम्पीडन रेखीय विकृति