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Q: Which strain is known as dilatation strain? किस विकृति को फैलाव विकृति के रूप में जाना जाता है?
  • A. Lateral strain/पाश्र्व विकृति
  • B. Shear strain/कर्तन विकृति
  • C. Longitudinal strain/अनुदैर्ध्य विकृति
  • D. Volumetric strain/आयतनात्मक विकृति
Correct Answer: Option D - आयतनात्मक विकृति (Volumetric Strain)- पिण्ड के आयतन में परिवर्तन का मूल आयतन से अनुपात आयतनात्मक विकृति कहलाता हैं। ■ आयतनात्मक विकृति को फैलाव विकृति के रूप में भी जाना जाता है। कर्तन विकृति (Shear Strain)-पिण्ड की सतह पर सतह के समान्तर बल लगाने से होने वाले कोणीय परिवर्तन को कर्तन विकृति कहते हैं। रेखीय विकृति (Linear Strain)- किसी पिण्ड के अक्ष के समान्तर बल लगाने पर लम्बाई में परिवर्तन का मूल लम्बाई से अनुपात रेखीय विकृति कहलाता है। रेखीय विकृति दो प्रकार की होती है-(i) तनन रेखीय विकृति (ii) सम्पीडन रेखीय विकृति
D. आयतनात्मक विकृति (Volumetric Strain)- पिण्ड के आयतन में परिवर्तन का मूल आयतन से अनुपात आयतनात्मक विकृति कहलाता हैं। ■ आयतनात्मक विकृति को फैलाव विकृति के रूप में भी जाना जाता है। कर्तन विकृति (Shear Strain)-पिण्ड की सतह पर सतह के समान्तर बल लगाने से होने वाले कोणीय परिवर्तन को कर्तन विकृति कहते हैं। रेखीय विकृति (Linear Strain)- किसी पिण्ड के अक्ष के समान्तर बल लगाने पर लम्बाई में परिवर्तन का मूल लम्बाई से अनुपात रेखीय विकृति कहलाता है। रेखीय विकृति दो प्रकार की होती है-(i) तनन रेखीय विकृति (ii) सम्पीडन रेखीय विकृति

Explanations:

आयतनात्मक विकृति (Volumetric Strain)- पिण्ड के आयतन में परिवर्तन का मूल आयतन से अनुपात आयतनात्मक विकृति कहलाता हैं। ■ आयतनात्मक विकृति को फैलाव विकृति के रूप में भी जाना जाता है। कर्तन विकृति (Shear Strain)-पिण्ड की सतह पर सतह के समान्तर बल लगाने से होने वाले कोणीय परिवर्तन को कर्तन विकृति कहते हैं। रेखीय विकृति (Linear Strain)- किसी पिण्ड के अक्ष के समान्तर बल लगाने पर लम्बाई में परिवर्तन का मूल लम्बाई से अनुपात रेखीय विकृति कहलाता है। रेखीय विकृति दो प्रकार की होती है-(i) तनन रेखीय विकृति (ii) सम्पीडन रेखीय विकृति