Correct Answer:
Option D - शोध के दौरान जिस नमूना फ्रेम की पहचान करना मुश्किल होती है, उसके लिए स्नोबाल नमूनाकरण प्रभावी होता है। इस निर्देशन का प्रयोग उस परिस्थिति में किया जाता है, जब समग्र की इकाई और उनकी संख्या ज्ञात और निश्चित न हो। इस विधि में एक व्यक्ति, दूसरे व्यक्ति की जानकारी देता है और फिर दूसरा किसी तीसरे की। इसी प्रकार इकाईयों की संख्या में वृद्धि होती रहती है एवं शोध हेतु पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध हो जाते है।
D. शोध के दौरान जिस नमूना फ्रेम की पहचान करना मुश्किल होती है, उसके लिए स्नोबाल नमूनाकरण प्रभावी होता है। इस निर्देशन का प्रयोग उस परिस्थिति में किया जाता है, जब समग्र की इकाई और उनकी संख्या ज्ञात और निश्चित न हो। इस विधि में एक व्यक्ति, दूसरे व्यक्ति की जानकारी देता है और फिर दूसरा किसी तीसरे की। इसी प्रकार इकाईयों की संख्या में वृद्धि होती रहती है एवं शोध हेतु पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध हो जाते है।