Correct Answer:
Option A - (1) मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में हीड़ गायन प्रसिद्ध है। मालवा के अन्य लोकगायन हैं- भरथरी, संजा गीत, हीड़ गायन बरसाती बारता, निर्गुणी गायन, रेलो गीत आदि है। हीड़गायन मालवा क्षेत्र में श्रावण महीने में गाया जाता है।
(2) निमाड़ के लोकगायन -कुलगी-तुर्रा, संत सिंगाजी, मसाण्या/कायखो, नाथपंथी, गरबा-गरबी आदि।
(3) बघेलखण्ड के लोकगायन- बसदेवा गायन, बिरहा गायन, बांसगीत, सीदेव, यण्डवानी गीत, घोदुलपाटा आदि।
(4) बुंदेलखण्ड का लोकगायन- आल्हा, भोलागीत, बेरायटा, देवारी गायन, जगदेव का पुवारा, फाग गायन, हरदौल की मनौती आदि है।
A. (1) मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में हीड़ गायन प्रसिद्ध है। मालवा के अन्य लोकगायन हैं- भरथरी, संजा गीत, हीड़ गायन बरसाती बारता, निर्गुणी गायन, रेलो गीत आदि है। हीड़गायन मालवा क्षेत्र में श्रावण महीने में गाया जाता है।
(2) निमाड़ के लोकगायन -कुलगी-तुर्रा, संत सिंगाजी, मसाण्या/कायखो, नाथपंथी, गरबा-गरबी आदि।
(3) बघेलखण्ड के लोकगायन- बसदेवा गायन, बिरहा गायन, बांसगीत, सीदेव, यण्डवानी गीत, घोदुलपाटा आदि।
(4) बुंदेलखण्ड का लोकगायन- आल्हा, भोलागीत, बेरायटा, देवारी गायन, जगदेव का पुवारा, फाग गायन, हरदौल की मनौती आदि है।