Correct Answer:
Option B - जरीब त्रिकोणीयन (Chain Triangulation)- अच्छे सर्वेक्षण कार्य के लिये प्रस्तावित भू-क्षेत्र को आपस में सटी हुई अनेक त्रिभुजों में बाँट लिया जाता है, क्योंकि त्रिभुज ही सबसे सरल ज्यामितीय आकृति है, जिसका अंकन (Plotting) उसकी तीनों भुजाओं की लम्बाई माप कर आसानी से किया जा सकता है और कोणीय मापन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। अत: इसे जरीब त्रिकोणीयन (Chain Triangulation) भी कहते है।
B. जरीब त्रिकोणीयन (Chain Triangulation)- अच्छे सर्वेक्षण कार्य के लिये प्रस्तावित भू-क्षेत्र को आपस में सटी हुई अनेक त्रिभुजों में बाँट लिया जाता है, क्योंकि त्रिभुज ही सबसे सरल ज्यामितीय आकृति है, जिसका अंकन (Plotting) उसकी तीनों भुजाओं की लम्बाई माप कर आसानी से किया जा सकता है और कोणीय मापन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। अत: इसे जरीब त्रिकोणीयन (Chain Triangulation) भी कहते है।