Explanations:
परमादेश का शाब्दिक अर्थ है – ‘हम आदेश देते है’। इसके तहत न्यायालय द्वारा किसी लोक प्राधिकारी, अधीनस्थ न्यायालय, सरकार या निगम को उनके विधिक, संविधिक या लोक कत्र्तव्यों को करने का या अवैध रूप से न करने का आदेश दिया जाता है। अत: इस रिट का प्रयोग ऐसे अधिकारी को आदेश देने के लिए किया जाता है जो सार्वजनिक कर्त्तव्यों को करने से इंकार या उपेक्षा करता है। उल्लेखनीय है कि मूल अधिकारों को लागू कराने हेतु उच्चतम न्यायालय को अनुच्देद 32(2) के तहत पाँच प्रकार की रिट जारी करने की शक्ति है जो निम्न है – (i) बन्दी प्रत्यक्षीकरण (ii) परमादेश (iii) प्रतिषेध (iv) अधिकार-पृच्छा (v) उत्प्रेषण