Correct Answer:
Option A - अल्प ऊष्मा सीमेन्ट (Low heat cement)–अल्प ऊष्मा सीमेन्ट का उपयोग भारी संरचनाओं में स्थूल कंक्रीट कार्य जैसे बाँध, पुलों की कूपक नींव आदि के लिए किया जाता है। यह सीमेन्ट सामान्य संरचनाओं के लिए ठीक नहीं रहता है क्योकि इसकी तख्ताबन्दी अधिक समय तक रखनी पड़ती है। इस सीमेन्ट के जमने के दौरान कम ऊष्मा निकलती है। भारी निर्माण कार्यो जैसें बाँध आदि में जहाँ टनों में सीमेन्ट कंक्रीट एक ही समय में डाली जाती है, ऊष्मा निकासी की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसके फलस्वरूप संरचना का असम प्रसार होता है और दरारें पड़ने की सम्भावना बढ़ जाती है।
A. अल्प ऊष्मा सीमेन्ट (Low heat cement)–अल्प ऊष्मा सीमेन्ट का उपयोग भारी संरचनाओं में स्थूल कंक्रीट कार्य जैसे बाँध, पुलों की कूपक नींव आदि के लिए किया जाता है। यह सीमेन्ट सामान्य संरचनाओं के लिए ठीक नहीं रहता है क्योकि इसकी तख्ताबन्दी अधिक समय तक रखनी पड़ती है। इस सीमेन्ट के जमने के दौरान कम ऊष्मा निकलती है। भारी निर्माण कार्यो जैसें बाँध आदि में जहाँ टनों में सीमेन्ट कंक्रीट एक ही समय में डाली जाती है, ऊष्मा निकासी की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसके फलस्वरूप संरचना का असम प्रसार होता है और दरारें पड़ने की सम्भावना बढ़ जाती है।