Correct Answer:
Option B - कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी अप्रैल 1316 ई. में गद्दी पर बैठा। वह दिल्ली सल्तनत का प्रथम शासक था जिसने स्वयं को खलीफा घोषित किया तथा खलीफा की सत्ता को मानने से इंकार किया। उसने ‘‘अल-इमाम-उल-इमाम व खलाफत-उल-लाह’’ की उपाधि धारण की वह अपने योग्य पिता का अयोग्य पुत्र था। उसे नग्न स्त्री-पुरुषों की संगत पसन्द थी।
B. कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी अप्रैल 1316 ई. में गद्दी पर बैठा। वह दिल्ली सल्तनत का प्रथम शासक था जिसने स्वयं को खलीफा घोषित किया तथा खलीफा की सत्ता को मानने से इंकार किया। उसने ‘‘अल-इमाम-उल-इमाम व खलाफत-उल-लाह’’ की उपाधि धारण की वह अपने योग्य पिता का अयोग्य पुत्र था। उसे नग्न स्त्री-पुरुषों की संगत पसन्द थी।