Correct Answer:
Option A - पंथनिरपेक्षता का अर्थ राज्य और सरकार से धर्म को अलग करना है। यह इस बात पर जोर देता हैं कि कोई राज्य किसी विशेष धर्म को लागू नहीं कर सकता है। भारतीय संविधान के अनुसार पंथनिरपेक्षता में कहा गया है कि राज्य को सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए और उन्हें मान्यता देनी चाहिए इसलिए कोई भी धार्मिक समुदाय दूसरे पर हावी नहीं हो सकता है। राज्य द्वारा किसी भी धर्म के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं किया जाता है। पंथनिरपेक्षता धार्मिक सद्भाव को बढ़ाती है तथा सांप्रदायिक विद्वेष को हतोत्साहित करती है अत: केवल कथन I तथा II सही है।
A. पंथनिरपेक्षता का अर्थ राज्य और सरकार से धर्म को अलग करना है। यह इस बात पर जोर देता हैं कि कोई राज्य किसी विशेष धर्म को लागू नहीं कर सकता है। भारतीय संविधान के अनुसार पंथनिरपेक्षता में कहा गया है कि राज्य को सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए और उन्हें मान्यता देनी चाहिए इसलिए कोई भी धार्मिक समुदाय दूसरे पर हावी नहीं हो सकता है। राज्य द्वारा किसी भी धर्म के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं किया जाता है। पंथनिरपेक्षता धार्मिक सद्भाव को बढ़ाती है तथा सांप्रदायिक विद्वेष को हतोत्साहित करती है अत: केवल कथन I तथा II सही है।