Correct Answer:
Option A - आइस कोर एवं आइस शीट के पिघलने से जलवायु परिवर्तन का क्रायोजेनिक संकेतक प्राप्त किया जाता है। आइस कोर किसी ग्लेशियर या बर्फ की चादर को छेदकर प्राप्त किया गया एक बेलनाकार नमूना है, अंटार्कटिका और मध्य ग्रीनलैंड जैसे क्षेत्रों में बर्फ की चादर पायी जाती है, इन आइस कोरो को अक्सर ड्रिल किया जाता है।
A. आइस कोर एवं आइस शीट के पिघलने से जलवायु परिवर्तन का क्रायोजेनिक संकेतक प्राप्त किया जाता है। आइस कोर किसी ग्लेशियर या बर्फ की चादर को छेदकर प्राप्त किया गया एक बेलनाकार नमूना है, अंटार्कटिका और मध्य ग्रीनलैंड जैसे क्षेत्रों में बर्फ की चादर पायी जाती है, इन आइस कोरो को अक्सर ड्रिल किया जाता है।