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Q: Which one of the following methods is largely used for welding of rails in workshops? निम्नलिखित में से कौन सी एक विधि का प्रयोग कार्यशालाओं में रेलों की वेल्डिंग के लिए सबसे अधिक होता है ?
  • A. Chemical welding/रासायनिक वेल्डिंग
  • B. Oxyaceaty lene welding ऑक्सीएसीटिलीन वेल्डिंग
  • C. Flash butt welding/फ्लैश बट वेल्डिंग
  • D. Electric arc welding/इलेक्ट्रिक आर्क वेल्डिंग
Correct Answer: Option C - भारतीय रेलवे में बड़ी लाइनों पर पाँच रेल (Rail) एक लम्बाई में रखकर वेल्ड करने का चलन है। इस प्रकार वेल्डिंग करने की कुल लम्बाई 64 मी. होती है। रेल वेल्डिंग करने की विधियाँ निम्न हैं– 1. ऑक्सी–एसीटिलीन विधि 2. विद्युत आर्क विधि 3. फ्लैश बट वेल्डन 4. ताप वेल्डन फ्लैश बट वेल्डिंग का प्रयोग वर्कशाप में रेल को जोड़ने के लिए किया जाता है। भारतीय रेलवे में स्थल पर (on field) अधिकतर ताप वेल्डिंग (thermal welding) अपनायी जाती है। इस विधि में एल्युमिनियम व लौह आक्साइड के मिश्रित पॉउडर को भर कर जलाया जाता है।
C. भारतीय रेलवे में बड़ी लाइनों पर पाँच रेल (Rail) एक लम्बाई में रखकर वेल्ड करने का चलन है। इस प्रकार वेल्डिंग करने की कुल लम्बाई 64 मी. होती है। रेल वेल्डिंग करने की विधियाँ निम्न हैं– 1. ऑक्सी–एसीटिलीन विधि 2. विद्युत आर्क विधि 3. फ्लैश बट वेल्डन 4. ताप वेल्डन फ्लैश बट वेल्डिंग का प्रयोग वर्कशाप में रेल को जोड़ने के लिए किया जाता है। भारतीय रेलवे में स्थल पर (on field) अधिकतर ताप वेल्डिंग (thermal welding) अपनायी जाती है। इस विधि में एल्युमिनियम व लौह आक्साइड के मिश्रित पॉउडर को भर कर जलाया जाता है।
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Explanations:

भारतीय रेलवे में बड़ी लाइनों पर पाँच रेल (Rail) एक लम्बाई में रखकर वेल्ड करने का चलन है। इस प्रकार वेल्डिंग करने की कुल लम्बाई 64 मी. होती है। रेल वेल्डिंग करने की विधियाँ निम्न हैं– 1. ऑक्सी–एसीटिलीन विधि 2. विद्युत आर्क विधि 3. फ्लैश बट वेल्डन 4. ताप वेल्डन फ्लैश बट वेल्डिंग का प्रयोग वर्कशाप में रेल को जोड़ने के लिए किया जाता है। भारतीय रेलवे में स्थल पर (on field) अधिकतर ताप वेल्डिंग (thermal welding) अपनायी जाती है। इस विधि में एल्युमिनियम व लौह आक्साइड के मिश्रित पॉउडर को भर कर जलाया जाता है।
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