Correct Answer:
Option D - थारू जनजाति में दो पक्षों के मध्य विवाह तय करने को पक्की पोढ़ी कहते है। सगाई की रस्म को अपना-पराया, विवाह की तिथि तय करने वाली रस्य को बात कट्टी कहते है। विवाह के बाद जब स्थायी रूप से लड़की, लड़के के घर आती है तो उसे चााला कहते है। अत: सभी विकल्प सही हैं।
D. थारू जनजाति में दो पक्षों के मध्य विवाह तय करने को पक्की पोढ़ी कहते है। सगाई की रस्म को अपना-पराया, विवाह की तिथि तय करने वाली रस्य को बात कट्टी कहते है। विवाह के बाद जब स्थायी रूप से लड़की, लड़के के घर आती है तो उसे चााला कहते है। अत: सभी विकल्प सही हैं।