Correct Answer:
Option B - मूल्यह्रास (Depreciation) -लगातार उपयोग से नि:घर्षण, मौसम कुप्रभाव, लुप्तप्रायता तथा समय बीतने के साथ सम्पत्ति की उपयोगिता व आयु कम हो जाती है और सम्पत्ति का बाजार मूल्य घटता चला जाता है सम्पत्ति के मूल्य में हुई इस प्रकार की क्षति अवमूल्यन कहलाता है।
अवमूल्यन ज्ञात करने की निम्न विधियाँ हैं–
(i) रेखीय विधि(Straight line method)
(ii) ह्रासी संतुलन विधि (Declining balance method)
(iii) योग - वर्ष के अंक विधि (Sum of years digit)
(iv) शोधन निधि विधि (Sinking fund method)
(v) परिमाण सर्वेक्षण विधि (Quantity survey method)
B. मूल्यह्रास (Depreciation) -लगातार उपयोग से नि:घर्षण, मौसम कुप्रभाव, लुप्तप्रायता तथा समय बीतने के साथ सम्पत्ति की उपयोगिता व आयु कम हो जाती है और सम्पत्ति का बाजार मूल्य घटता चला जाता है सम्पत्ति के मूल्य में हुई इस प्रकार की क्षति अवमूल्यन कहलाता है।
अवमूल्यन ज्ञात करने की निम्न विधियाँ हैं–
(i) रेखीय विधि(Straight line method)
(ii) ह्रासी संतुलन विधि (Declining balance method)
(iii) योग - वर्ष के अंक विधि (Sum of years digit)
(iv) शोधन निधि विधि (Sinking fund method)
(v) परिमाण सर्वेक्षण विधि (Quantity survey method)