Correct Answer:
Option A - प्रवालों में उष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वनों की तुलना में अधिक विविधता पायी जाती है, क्योंकि प्रवालों की 1,000,000, प्रजातियाँ हैं, जिनमें से केवल 10% प्रजातियों का ही अध्ययन किया जा सका है। प्रवालों को सामुद्रिक वर्षा वन कहा जाता है। प्रवालों का निर्माण 25º उत्तरी से 25º दक्षिणी अक्षांशों के मध्य किसी द्वीप या तट के सहारे यथोचित गहराई 200 से 250 फीट (60-77 मी.) पर अन्त: सागरीय चबूतरों पर होता है। प्रवालों के विकास के लिए 20º-21ºC तक तापमान, 27{EMBED Equation.DSMT4} से 30{EMBED Equation.DSMT4} औसत सागरीय लवणता आवश्यक होती है।
A. प्रवालों में उष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वनों की तुलना में अधिक विविधता पायी जाती है, क्योंकि प्रवालों की 1,000,000, प्रजातियाँ हैं, जिनमें से केवल 10% प्रजातियों का ही अध्ययन किया जा सका है। प्रवालों को सामुद्रिक वर्षा वन कहा जाता है। प्रवालों का निर्माण 25º उत्तरी से 25º दक्षिणी अक्षांशों के मध्य किसी द्वीप या तट के सहारे यथोचित गहराई 200 से 250 फीट (60-77 मी.) पर अन्त: सागरीय चबूतरों पर होता है। प्रवालों के विकास के लिए 20º-21ºC तक तापमान, 27{EMBED Equation.DSMT4} से 30{EMBED Equation.DSMT4} औसत सागरीय लवणता आवश्यक होती है।