Correct Answer:
Option C - कार्य शिक्षा के सन्दर्भ में दिए गए दोनों कथन (I), (II) सही है। कार्य शिक्षा को उद्देश्यपूर्ण और सार्थक शारीरिक श्रम माना जाता है, जिसे शैक्षिक प्रक्रिया के अंतनिर्हित भाग के रूप में संगठित किया जाता है। इसे सार्थक विषयवस्तु और सामुदायिक सेवा के उत्पादन के रूप में समझा जाता है, जिसमें बच्चे संतोष और आनंद के अनुभव साझा करते हैं। कार्य शिक्षा शैक्षिक गतिविधियों, में ज्ञान, समझ, व्यावहारिक कौशल सहित जोर देती है। इसकी अवधारणा को निम्नलिखित रूप से समझा जा सकता है–
• यह हाथ मस्तिष्क में समन्वय स्थापित करती है।
• सामाजिक रूप से उपयोगी शारीरिक श्रम शैक्षिक गतिविधियों में निहित है।
• यह सीखने की प्रक्रिया में एक आवश्यक और महत्वपूर्ण कारक है।
• यह समुदाय के लिए उपयोगी सेवाओं और उत्पादक कार्यों के रूप में दिखाई देती है।
• यह करके सीखने के सिद्धान्त पर आधारित है।
C. कार्य शिक्षा के सन्दर्भ में दिए गए दोनों कथन (I), (II) सही है। कार्य शिक्षा को उद्देश्यपूर्ण और सार्थक शारीरिक श्रम माना जाता है, जिसे शैक्षिक प्रक्रिया के अंतनिर्हित भाग के रूप में संगठित किया जाता है। इसे सार्थक विषयवस्तु और सामुदायिक सेवा के उत्पादन के रूप में समझा जाता है, जिसमें बच्चे संतोष और आनंद के अनुभव साझा करते हैं। कार्य शिक्षा शैक्षिक गतिविधियों, में ज्ञान, समझ, व्यावहारिक कौशल सहित जोर देती है। इसकी अवधारणा को निम्नलिखित रूप से समझा जा सकता है–
• यह हाथ मस्तिष्क में समन्वय स्थापित करती है।
• सामाजिक रूप से उपयोगी शारीरिक श्रम शैक्षिक गतिविधियों में निहित है।
• यह सीखने की प्रक्रिया में एक आवश्यक और महत्वपूर्ण कारक है।
• यह समुदाय के लिए उपयोगी सेवाओं और उत्पादक कार्यों के रूप में दिखाई देती है।
• यह करके सीखने के सिद्धान्त पर आधारित है।