Correct Answer:
Option A - कुछ पौधो जैसे- चना, सेम, मटर में भू्रणपोष, भ्रूण-परिवर्धन के रूप में प्रयोग हो जाता है। इन बीजो के बीजपत्र में भोजन संचित रहने के कारण ये मोटे होते है इन्हे अभ्रूणपोषी (non -edospermic) बीज कहते है। अरण्डी, गेहूँ, मक्का के बीजो को भ्रूणपोषी कहते है।
A. कुछ पौधो जैसे- चना, सेम, मटर में भू्रणपोष, भ्रूण-परिवर्धन के रूप में प्रयोग हो जाता है। इन बीजो के बीजपत्र में भोजन संचित रहने के कारण ये मोटे होते है इन्हे अभ्रूणपोषी (non -edospermic) बीज कहते है। अरण्डी, गेहूँ, मक्का के बीजो को भ्रूणपोषी कहते है।