Correct Answer:
Option A - ‘ओलियो ग्राफ’ या लिथेग्राफर ‘राजारवि वर्मा थे इन्होंने 1894 ई. में सर माधव राव की सहायता से मुम्बई के उपनगर घाटकोपर में खोली/रवि देश के पहले लिथोग्राफर बनें। ‘शकुंतला कमल के पत्ते पर प्रेम पत्र’ लिख रही है रवि वर्मा का प्रसिद्ध चित्र है।
• नन्दलाल बोस बंगाल शैली के चित्रकार थे और अवनीन्द्र नाथ के शिष्य थे। अवनीन्द्र नाथ टैगोर को बंगाल शैली का पिता कहा जाता है तथा भारत में वॉश शैली के प्रणेता थे।
• गणेश पाइन समकालीन कलाकार थे।
A. ‘ओलियो ग्राफ’ या लिथेग्राफर ‘राजारवि वर्मा थे इन्होंने 1894 ई. में सर माधव राव की सहायता से मुम्बई के उपनगर घाटकोपर में खोली/रवि देश के पहले लिथोग्राफर बनें। ‘शकुंतला कमल के पत्ते पर प्रेम पत्र’ लिख रही है रवि वर्मा का प्रसिद्ध चित्र है।
• नन्दलाल बोस बंगाल शैली के चित्रकार थे और अवनीन्द्र नाथ के शिष्य थे। अवनीन्द्र नाथ टैगोर को बंगाल शैली का पिता कहा जाता है तथा भारत में वॉश शैली के प्रणेता थे।
• गणेश पाइन समकालीन कलाकार थे।