Correct Answer:
Option B - दसवन्त कहार का लड़का था। दसवन्त की पकड़ एवं कार्य कुशलता देवी-देवताओं की आकृतियों में ही नहीं अपितु भयंकर राक्षसी आकृतियों में भी देखी जा सकती है।
⇒ दसवन्त अपनी रूचि ‘पौराणिक कथानकों के चित्रण में ज्यादा दर्शनीय प्रतीत होती है वह अकबर के पतेहपुर सीकरी स्थित दरबारी चित्रशाला का सेवक था।
⇒ अब्दुस्समद शिराजी अकबर के दरबार में मुख्य मुसब्बिर के रूप में कार्य करता था और मुगल शैली के जन्मदाताओं में से एक माना जाता था।
⇒ मीर सैयद अली फारस के सफवी शैली या ईरानी शैली का प्रमुख चित्रकार था।
⇒ मंसूर जहाँगीर के समय में पशु-पक्षी तथा वनस्पति चित्रण में सिद्धहस्त था।
B. दसवन्त कहार का लड़का था। दसवन्त की पकड़ एवं कार्य कुशलता देवी-देवताओं की आकृतियों में ही नहीं अपितु भयंकर राक्षसी आकृतियों में भी देखी जा सकती है।
⇒ दसवन्त अपनी रूचि ‘पौराणिक कथानकों के चित्रण में ज्यादा दर्शनीय प्रतीत होती है वह अकबर के पतेहपुर सीकरी स्थित दरबारी चित्रशाला का सेवक था।
⇒ अब्दुस्समद शिराजी अकबर के दरबार में मुख्य मुसब्बिर के रूप में कार्य करता था और मुगल शैली के जन्मदाताओं में से एक माना जाता था।
⇒ मीर सैयद अली फारस के सफवी शैली या ईरानी शैली का प्रमुख चित्रकार था।
⇒ मंसूर जहाँगीर के समय में पशु-पक्षी तथा वनस्पति चित्रण में सिद्धहस्त था।