Correct Answer:
Option D - 80 वर्ष की जर्जरित अवस्था में हिरण्यवती नदी पार करके बुद्ध कुशीनारा पहुँचे, जहाँ अस्वस्थता की स्थित में उन्होंने आनंद से कहा कि ``आओ मेरे लिए उत्तर की ओर सिर करके मंच तैयार करो, मैं क्लांत हूँ, लेटूँगा।'' भिक्षु उपवाण ने पंखा झलना शुरू किया। उसी समय बुद्ध ने आनन्द से कहा कि वे कुशीनारा के मल्लों को हमारे अंतिम समय की सूचना दें। सूचना मिलते ही वहाँ मल्ल लोग इकट्ठा होने लगे। उसी समय कुशीनारा के श्रमण सुभद्द ने बुद्ध द्वारा अभिसिक्त होकर अंतिम उपदेश प्राप्त किया।
D. 80 वर्ष की जर्जरित अवस्था में हिरण्यवती नदी पार करके बुद्ध कुशीनारा पहुँचे, जहाँ अस्वस्थता की स्थित में उन्होंने आनंद से कहा कि ``आओ मेरे लिए उत्तर की ओर सिर करके मंच तैयार करो, मैं क्लांत हूँ, लेटूँगा।'' भिक्षु उपवाण ने पंखा झलना शुरू किया। उसी समय बुद्ध ने आनन्द से कहा कि वे कुशीनारा के मल्लों को हमारे अंतिम समय की सूचना दें। सूचना मिलते ही वहाँ मल्ल लोग इकट्ठा होने लगे। उसी समय कुशीनारा के श्रमण सुभद्द ने बुद्ध द्वारा अभिसिक्त होकर अंतिम उपदेश प्राप्त किया।