Correct Answer:
Option E - कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) में निम्न उद्देश्य बताए हैं–
साम्राज्य के विभिन्न भागों में राष्ट्र के हित के कार्यो में संलग्न ऐसे सभी व्यक्तियों में परस्पर घनिष्ठता और मित्रता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य है।
अपने सभी राष्ट्र प्रेमियों में जाति, धर्म या प्रांतीयता के सभी संभव पूर्वाग्रहों को सीधे मित्रतापूर्ण व्यक्तिगत संपर्क से दूर करना और राष्ट्रीय एकता की उन भावनाओं को पूरी तरह विकसित और संगठित करना।
तात्कालीन महत्वपूर्ण और ज्वलन्त सामाजिक समस्याओं के बारे में शिक्षित वर्ग के परिपक्व व्यक्तियों के साथ पूरी तरह से विचार विमर्श करने के बाद बहुत सावधानी से इनका प्रमाणिक लेखा जोखा तैयार करना।
जिन दिशाओं में और जिस तारीख से अगले बारह महीनों में देश के राजनीतिज्ञों को लोकहित के लिए कार्य करना चाहिए उनका निर्धारण करना।
E. कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) में निम्न उद्देश्य बताए हैं–
साम्राज्य के विभिन्न भागों में राष्ट्र के हित के कार्यो में संलग्न ऐसे सभी व्यक्तियों में परस्पर घनिष्ठता और मित्रता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य है।
अपने सभी राष्ट्र प्रेमियों में जाति, धर्म या प्रांतीयता के सभी संभव पूर्वाग्रहों को सीधे मित्रतापूर्ण व्यक्तिगत संपर्क से दूर करना और राष्ट्रीय एकता की उन भावनाओं को पूरी तरह विकसित और संगठित करना।
तात्कालीन महत्वपूर्ण और ज्वलन्त सामाजिक समस्याओं के बारे में शिक्षित वर्ग के परिपक्व व्यक्तियों के साथ पूरी तरह से विचार विमर्श करने के बाद बहुत सावधानी से इनका प्रमाणिक लेखा जोखा तैयार करना।
जिन दिशाओं में और जिस तारीख से अगले बारह महीनों में देश के राजनीतिज्ञों को लोकहित के लिए कार्य करना चाहिए उनका निर्धारण करना।