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Q: Which of the following was not objective of the Indian National Congress as pointed out by W.C. Banerjee in 1885? 1885ई. डब्ल्यू.सी. बनर्जी द्वारा इंगित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के निम्न उद्देश्यों में से कौन-सा नहीं था?
  • A. To promote contact and friendship among the protectors of the interests of the country देश के हितों की रक्षा करने वाले भारतीयों के बीच संपर्क और मित्रता बढ़ाना
  • B. To promote the feeling of nationalish among fellow countrymen by removing the feeling of csteism, communalish and regional biases देशवासियों के बीच जाति, संप्रदाय तथा प्रांतीय पक्षपातों की भावना को दूर करके उनमें राष्ट्रीय एकता की भावना को विकसित करना
  • C. To express the viewpoint on the necessary social issues with due consent of the educated class शिक्षित वर्ग की पूर्ण सम्मति से महत्वपूर्ण और आवश्यक सामाजिक विषयों पर विचार प्रकट करना
  • D. To determine on which direction and on which basis the work has to be done in the coming years for the Indian public interest यह निर्धारित करना कि आगामी वर्षों में भारतीय लोकहित के लिए किस दिशा में और किस आधार पर कार्य करें
  • E. None of the above/More than one of the above उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
Correct Answer: Option E - कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) में निम्न उद्देश्य बताए हैं– साम्राज्य के विभिन्न भागों में राष्ट्र के हित के कार्यो में संलग्न ऐसे सभी व्यक्तियों में परस्पर घनिष्ठता और मित्रता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य है। अपने सभी राष्ट्र प्रेमियों में जाति, धर्म या प्रांतीयता के सभी संभव पूर्वाग्रहों को सीधे मित्रतापूर्ण व्यक्तिगत संपर्क से दूर करना और राष्ट्रीय एकता की उन भावनाओं को पूरी तरह विकसित और संगठित करना। तात्कालीन महत्वपूर्ण और ज्वलन्त सामाजिक समस्याओं के बारे में शिक्षित वर्ग के परिपक्व व्यक्तियों के साथ पूरी तरह से विचार विमर्श करने के बाद बहुत सावधानी से इनका प्रमाणिक लेखा जोखा तैयार करना। जिन दिशाओं में और जिस तारीख से अगले बारह महीनों में देश के राजनीतिज्ञों को लोकहित के लिए कार्य करना चाहिए उनका निर्धारण करना।
E. कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) में निम्न उद्देश्य बताए हैं– साम्राज्य के विभिन्न भागों में राष्ट्र के हित के कार्यो में संलग्न ऐसे सभी व्यक्तियों में परस्पर घनिष्ठता और मित्रता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य है। अपने सभी राष्ट्र प्रेमियों में जाति, धर्म या प्रांतीयता के सभी संभव पूर्वाग्रहों को सीधे मित्रतापूर्ण व्यक्तिगत संपर्क से दूर करना और राष्ट्रीय एकता की उन भावनाओं को पूरी तरह विकसित और संगठित करना। तात्कालीन महत्वपूर्ण और ज्वलन्त सामाजिक समस्याओं के बारे में शिक्षित वर्ग के परिपक्व व्यक्तियों के साथ पूरी तरह से विचार विमर्श करने के बाद बहुत सावधानी से इनका प्रमाणिक लेखा जोखा तैयार करना। जिन दिशाओं में और जिस तारीख से अगले बारह महीनों में देश के राजनीतिज्ञों को लोकहित के लिए कार्य करना चाहिए उनका निर्धारण करना।

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कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चन्द्र बनर्जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) में निम्न उद्देश्य बताए हैं– साम्राज्य के विभिन्न भागों में राष्ट्र के हित के कार्यो में संलग्न ऐसे सभी व्यक्तियों में परस्पर घनिष्ठता और मित्रता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य है। अपने सभी राष्ट्र प्रेमियों में जाति, धर्म या प्रांतीयता के सभी संभव पूर्वाग्रहों को सीधे मित्रतापूर्ण व्यक्तिगत संपर्क से दूर करना और राष्ट्रीय एकता की उन भावनाओं को पूरी तरह विकसित और संगठित करना। तात्कालीन महत्वपूर्ण और ज्वलन्त सामाजिक समस्याओं के बारे में शिक्षित वर्ग के परिपक्व व्यक्तियों के साथ पूरी तरह से विचार विमर्श करने के बाद बहुत सावधानी से इनका प्रमाणिक लेखा जोखा तैयार करना। जिन दिशाओं में और जिस तारीख से अगले बारह महीनों में देश के राजनीतिज्ञों को लोकहित के लिए कार्य करना चाहिए उनका निर्धारण करना।