Correct Answer:
Option A - दक्षिण अफ्रीका से जनवरी 1915 में लौटने के बाद गांधी जी ने अपना सफल सत्याग्रह बिहार के चंपारण जिले में 1917 में किया था। यह गांधी जी द्वारा प्रथम सत्याग्रह आंदोलन था, जिसमें उन्होंने सविनय अवज्ञा का प्रयोग किया था। यह आंदोलन वास्तव में किसानों के द्वारा नील की खेती से संबंधित था। 19वीं सदी के समाप्त होते-होते जर्मनी के रासायनिक रंगों ने बाजार में नील का स्थान ले लिया था। फलस्वरूप चंपारन के यूरोपीय बागान मालिक नील की खेती बंद करने के लिए विवश हो गए थे। किसान भी नील की खेती से छुटकारा पाना चाहते थे। गोरे बगान मालिकों ने मुक्त करने के लिए लगान एवं अन्य और अनुबंध ने किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें अनुबंध से मुक्त करने के लिए लगान एवं अन्य गैर कानूनी कर की दर मनमाने ढंग से बढ़ा दिया था। किसानों की इसी समस्या के लिए चंपारण में गांधीजी द्वारा सत्याग्रह प्रारंभ किया गया था।
A. दक्षिण अफ्रीका से जनवरी 1915 में लौटने के बाद गांधी जी ने अपना सफल सत्याग्रह बिहार के चंपारण जिले में 1917 में किया था। यह गांधी जी द्वारा प्रथम सत्याग्रह आंदोलन था, जिसमें उन्होंने सविनय अवज्ञा का प्रयोग किया था। यह आंदोलन वास्तव में किसानों के द्वारा नील की खेती से संबंधित था। 19वीं सदी के समाप्त होते-होते जर्मनी के रासायनिक रंगों ने बाजार में नील का स्थान ले लिया था। फलस्वरूप चंपारन के यूरोपीय बागान मालिक नील की खेती बंद करने के लिए विवश हो गए थे। किसान भी नील की खेती से छुटकारा पाना चाहते थे। गोरे बगान मालिकों ने मुक्त करने के लिए लगान एवं अन्य और अनुबंध ने किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें अनुबंध से मुक्त करने के लिए लगान एवं अन्य गैर कानूनी कर की दर मनमाने ढंग से बढ़ा दिया था। किसानों की इसी समस्या के लिए चंपारण में गांधीजी द्वारा सत्याग्रह प्रारंभ किया गया था।