Correct Answer:
Option B - जलाशय अन्तर्ग्राही: जलाशय से पानी लेने के लिये उसके बाँध के प्रति प्रवाह में यह अन्तर्ग्राही बनाया जाता है। यह कंक्रीट अथवा चिनाई का एक गोलाकार कक्ष होता है, जिसमें जलाशय से पानी के प्रवेश के लिये विभिन्न ऊँचाई पर कई प्रवेश पाइप लगाये जाते हैं जो भीतर एक उदग्र पाइप से जुड़े होते हैं। जिनमें अंतर्ग्राही पाइप के अलावा अंदर कोई पानी नहीं होता। प्रवेश पाइपों के मुख्य पर मोटी जाली के छन्नक लगाये जाते हैं ताकि जलाशय में तैरती हुई अशुद्धियाँ इन-टेक में न घुस आये। जलाशय में पानी का जल स्तर गिरने पर भी अन्तर्ग्राही में बराबर पानी आता रहे इसके लिए ही विभिन्न ऊँचाई पर ये प्रवेश पाइप लगाये जाते हैं।
B. जलाशय अन्तर्ग्राही: जलाशय से पानी लेने के लिये उसके बाँध के प्रति प्रवाह में यह अन्तर्ग्राही बनाया जाता है। यह कंक्रीट अथवा चिनाई का एक गोलाकार कक्ष होता है, जिसमें जलाशय से पानी के प्रवेश के लिये विभिन्न ऊँचाई पर कई प्रवेश पाइप लगाये जाते हैं जो भीतर एक उदग्र पाइप से जुड़े होते हैं। जिनमें अंतर्ग्राही पाइप के अलावा अंदर कोई पानी नहीं होता। प्रवेश पाइपों के मुख्य पर मोटी जाली के छन्नक लगाये जाते हैं ताकि जलाशय में तैरती हुई अशुद्धियाँ इन-टेक में न घुस आये। जलाशय में पानी का जल स्तर गिरने पर भी अन्तर्ग्राही में बराबर पानी आता रहे इसके लिए ही विभिन्न ऊँचाई पर ये प्रवेश पाइप लगाये जाते हैं।