If an image is formed by a spherical mirror with a magnification of +1, which of the following statements is true? यदि कोई प्रतिबिंब +1 आवर्धन वाले गोलीय दर्पण द्वारा बनाया जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
A taxi charges `42 for first 2 kilometres and `16 per km subsequently. The amount payable for covering 24 km is :
Extremely large date sets that could, when analyzed, reveal useful information and patterns are called अत्यन्त बड़े डेटा सेट, जो विश्लेषण किए जाने पर उपयोगी जानकारी प्रकट कर सकते हैं और पैटर्न कहे जाते हैं–
सन् 2011 की जनगणना के अनुसार मध्य प्रदेश में साक्षरता का प्रतिशत किस जिले में सर्वाधिक था?
मध्य प्रदेश के कौन-से राज्यपाल लोकसभा के अध्यक्ष भी रहे हैं ?
निर्देश : अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा 121-125 प्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: उचिततमम् उत्तरं चित्वा लिखत – स्वराज्यं हि नाम राष्ट्रस्य परमोत्कर्षधायकं तत्त्वम्। सर्वेषां स्वराष्ट्रीय प्रजाजनानां सम्मत्या प्रतिविध्यविधया प्रवर्तितं यद्राज्यं तत्स्वराज्यपदेन व्यपदिश्यते। तादृशस्वराज्योपलब्ध्यर्थमेव जनै: प्रयतितव्यम् इति ऋग्वेदेऽपि समुपदिष्टम्। वेदे स्वराज्य-महिमा वर्णनार्थमेकमखिलं सूक्तमेव पठ्यते तद्धि स्वराज्यसूक्तमिति नाम्ना कथ्यते। अन्यत्रापि बहुत्र स्वराज्य गुणगरिमाऽवलोक्यते। कस्यापि राष्टस्य कृते स्वराज्यसदृशमन्यत् भूतं प्रभूतं वैभवं नास्ति। एतेन ध्वन्यते प्रस्फुटं यत् प्रजातन्त्रं शासनमपि तदेवोत्कृष्टं यत्स्वराज्यसंवलितं भवेत्। एष प्रजातन्त्रप्रसङ्ग: अन्यत्रापि संस्कृतसाहित्ये दरीदृश्यते। प्रायश: वर्षाणां सहस्रद्वयी व्यतीयाय यदा राजनीति निपुण: कौटल्यापरनामधेय: आचार्य चाणक्य: बभूव। तेन कूटनीतिधुरंधरेण एकायत्तं नन्दवंश प्रशासनमुदिश्य मौर्यकुलभूषणं चन्द्रगुप्तं राज्यिंसहासने प्रतिष्ठापयामास। महान् राजनीतिज्ञ: कौटिल्य: चन्द्रगुप्तस्य कृते साम्राज्यधुरं निर्वोढुमर्थशास्त्रविधं लोक विश्रुतं राजनीतितन्त्रं प्रणिनाय। यत्र प्रजातन्त्रपद्धतिमेवावलभ्य राज्यतन्त्रं सञ्चालयितव्यमिति सर्वं सुनिपुणं प्रतिपादितम्। ‘अर्थशास्त्रम्’ कस्या: नीते: तन्त्ररूपेण ज्ञायते?
Gautama Buddha delivered his first Sermon as "Dharma Chakra Pravartan" at : गौतम बुद्ध ने ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ के रूप में अपना पहला धर्मोपदेश कहाँ दिया था ?
किसी वृत्त की त्रिज्या 3 गुना करने पर उसकी नई परिधि पुरानी परिधि की कितनी गुनी होगी?
दिए गए गद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए। राजा राममोहन राय हिंदू धर्म में सुधार के हिमायती और उसकी जगह ईसाई धर्म लाने के विरोधी थे। उन्होंने ईसाई धर्म प्रचारकों की हिंदू धर्म दर्शन पर अज्ञानपूर्ण आलोचनाओं का जवाब दिया। साथ ही उन्होंने अन्य धर्मों के प्रति अत्यंत मित्रतापूर्ण रुख अपनाया। उनका विश्वास था कि बुनियादी तौर पर सभी धर्म एक ही संदेश देते हैं कि उनके अनुयायी भाई-भाई हैंं। उन्होंने 1828 में ब्रह्म सभा नाम की एक नई धार्मिक संस्था की स्थापना की जिसको बाद में ब्रह्म समाज कहा गया। इसका उद्देश्य हिंदू धर्म को स्वच्छ बनाना और एकेश्वरवाद की शिक्षा देना था। नई संस्था के दो आधार थे, तर्क शक्ति, वेद तथा उपनिषद। उसे अन्य धर्मों की शिक्षाओं को भी समाहित करना था। ब्रह्म समाज ने मानवीय प्रतिष्ठा पर जोर दिया, मूर्तिपूजा का विरोध किया तथा सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों की आलोचना की। वे औरतों के पक्के हिमायती थे। उन्होंने औरतों की परवशता की निंदा की तथा इस प्रचलित विचार का विरोध किया कि औरतें पुरुषों से बुद्धि में या नैतिक दृष्टि से निकृष्ट हैं। उन्होंने बहुविवाह तथा विधवाओं की अवनत स्थिति की आलोचना की। औरतों की स्थिति को सुधारने के लिए उन्होंने माँग की कि उन्हें विरासत और सम्पत्ति संबंधी अधिकार दिए जाएं। राममोहन राय आधुनिक शिक्षा के सबसे प्रारम्भिक प्रचारकों में से थे। वे आधुनिक शिक्षा को देश में आधुनिक विचारों के प्रचार का प्रमुख साधन समझते थे। डेविड हेअर ने 1817 में कलकत्ता में प्रसिद्ध हिंदू कॉलेज की स्थापना की। राजा राममोहन राय ने कलकत्ता में 1817 में अपने खर्च से एक अंग्रेजी स्कूल चलाया जिसमें अन्य विषयों के साथ यांत्रिकी और वाल्तेयर के दर्शन की पढ़ाई होती थी। उन्होंने 1825 में एक वेदांत कॉलेज की स्थापना की जिसमें भारतीय विद्या और पाश्चात्य सामाजिक तथा भौतिक विज्ञानों की पढ़ाई की सुविधाएँ उपलब्ध थीं। ‘परवश’ का पर्याय निम्न में से है?
'विज्ञान धारा' योजना किस विभाग के तहत आती है?
Explanations:
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