Correct Answer:
Option D - स्लेट में सिलिका व चूने का कार्बोनेट होता है। यह मड पत्थर (Mud stone) के रूपान्तरण से बनता है। यह पानी, कम सोखती है और सीलन व वर्षा से कम प्रभावित होती है। इसकी अपघर्षण क्षमता काफी अच्छी होती है। इसका उपयोग अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों, पर्वतीय क्षेत्रों, फर्श, छतों, जीनों के कदमचों, डेडो कार्य, टाइलों के रूप में बड़े पैमाने पर होता है। D.P.C. के लिए भी स्लेटें लगायी जाती है।
D. स्लेट में सिलिका व चूने का कार्बोनेट होता है। यह मड पत्थर (Mud stone) के रूपान्तरण से बनता है। यह पानी, कम सोखती है और सीलन व वर्षा से कम प्रभावित होती है। इसकी अपघर्षण क्षमता काफी अच्छी होती है। इसका उपयोग अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों, पर्वतीय क्षेत्रों, फर्श, छतों, जीनों के कदमचों, डेडो कार्य, टाइलों के रूप में बड़े पैमाने पर होता है। D.P.C. के लिए भी स्लेटें लगायी जाती है।