Correct Answer:
Option B - मेघालय राज्य बाँस ड्रिप सिंचाई प्रणाली के लिए जाना जाता है। मेघालय में नदियों व झरनों के जल को बाँस द्वारा बने पाइप द्वारा एकत्रित करने की 200 वर्ष पुरानी विधि प्रचलित है। लगभग 18-20 लीटर सिंचाई पानी बाँस पाइप में आ जाता है तथा उसे सैकड़ों मीटर की दूरी तक ले जाया जाता है। अंत में पानी का बहाव 20-80 बूँद प्रति मिनट तक घटाकर पौधे पर छोड़ दिया जाता है। यह प्रणाली बाँस ड्रिप सिंचाई प्रणाली कहलाती है।
B. मेघालय राज्य बाँस ड्रिप सिंचाई प्रणाली के लिए जाना जाता है। मेघालय में नदियों व झरनों के जल को बाँस द्वारा बने पाइप द्वारा एकत्रित करने की 200 वर्ष पुरानी विधि प्रचलित है। लगभग 18-20 लीटर सिंचाई पानी बाँस पाइप में आ जाता है तथा उसे सैकड़ों मीटर की दूरी तक ले जाया जाता है। अंत में पानी का बहाव 20-80 बूँद प्रति मिनट तक घटाकर पौधे पर छोड़ दिया जाता है। यह प्रणाली बाँस ड्रिप सिंचाई प्रणाली कहलाती है।