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Q: Which of the following statements is/are correct regarding Gini coefficient? गिनी गुणक के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? I. It measures the level of income inequality in the society./यह समाज में आय के असमानता के स्तर को मापता है। II. Higher the Gini coefficient, lower the inequality./गिनी गुणक जितना अधिक होगा, असमानता उतनी कम होगी। III. It can be derived using the Lorenz curve./यह लॉरेन्ज वक्र के प्रयोग से व्युत्पन्न किया जाता है। Select the correct answer from the options given below: नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
  • A. I only /केवल I
  • B. I and III only/केवल I एवं III
  • C. I and II only /केवल I एवं II
  • D. II and III only/केवल II एवं III
Correct Answer: Option B - गिनी गुणांक आय के वितरण की विषमता के माप की सबसे प्रचलित विधि है जो आय के प्रत्येक युग्म के बीच आय अन्तर (घ्हम्दस Dग्ffीाहम) की माप करती है। यह वास्तविक लॉरेंज वक्र तथा निरपेक्ष समता रेखा के बीच का क्षेत्रफल तथा निरपेक्ष रेखा के नीचे के सम्पूर्ण क्षेत्र के बीच अनुपात प्रदर्शित करता है। इस प्रकार यह लारेन्ज वक्र के प्रयोग से व्युत्पन्न होता है। यदि गिनी गुणांक (G) = 0 है तो प्रत्येक व्यक्ति को एक ही आय मिल रही है। यदि गिनी गुणांक (G) = 1 है तो एक ही व्यक्ति पूरी आय प्राप्त कर रहा है। इसलिए गिनी गुणांक का अधिकतम मूल्य 1 के बराबर होगा (उस समय जबकि निरपेक्ष विषमता हो) तथा न्यूनतम मूल्य शून्य के बराबर होगा (जबकि निरपेक्ष समता हो)। इस प्रकार गिनी गुणांक जितना अधिक होगा, आय की असमानता उतनी ही अधिक होगी।
B. गिनी गुणांक आय के वितरण की विषमता के माप की सबसे प्रचलित विधि है जो आय के प्रत्येक युग्म के बीच आय अन्तर (घ्हम्दस Dग्ffीाहम) की माप करती है। यह वास्तविक लॉरेंज वक्र तथा निरपेक्ष समता रेखा के बीच का क्षेत्रफल तथा निरपेक्ष रेखा के नीचे के सम्पूर्ण क्षेत्र के बीच अनुपात प्रदर्शित करता है। इस प्रकार यह लारेन्ज वक्र के प्रयोग से व्युत्पन्न होता है। यदि गिनी गुणांक (G) = 0 है तो प्रत्येक व्यक्ति को एक ही आय मिल रही है। यदि गिनी गुणांक (G) = 1 है तो एक ही व्यक्ति पूरी आय प्राप्त कर रहा है। इसलिए गिनी गुणांक का अधिकतम मूल्य 1 के बराबर होगा (उस समय जबकि निरपेक्ष विषमता हो) तथा न्यूनतम मूल्य शून्य के बराबर होगा (जबकि निरपेक्ष समता हो)। इस प्रकार गिनी गुणांक जितना अधिक होगा, आय की असमानता उतनी ही अधिक होगी।

Explanations:

गिनी गुणांक आय के वितरण की विषमता के माप की सबसे प्रचलित विधि है जो आय के प्रत्येक युग्म के बीच आय अन्तर (घ्हम्दस Dग्ffीाहम) की माप करती है। यह वास्तविक लॉरेंज वक्र तथा निरपेक्ष समता रेखा के बीच का क्षेत्रफल तथा निरपेक्ष रेखा के नीचे के सम्पूर्ण क्षेत्र के बीच अनुपात प्रदर्शित करता है। इस प्रकार यह लारेन्ज वक्र के प्रयोग से व्युत्पन्न होता है। यदि गिनी गुणांक (G) = 0 है तो प्रत्येक व्यक्ति को एक ही आय मिल रही है। यदि गिनी गुणांक (G) = 1 है तो एक ही व्यक्ति पूरी आय प्राप्त कर रहा है। इसलिए गिनी गुणांक का अधिकतम मूल्य 1 के बराबर होगा (उस समय जबकि निरपेक्ष विषमता हो) तथा न्यूनतम मूल्य शून्य के बराबर होगा (जबकि निरपेक्ष समता हो)। इस प्रकार गिनी गुणांक जितना अधिक होगा, आय की असमानता उतनी ही अधिक होगी।