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Q: Which of the following statements is true regarding earthquakes? भूकंप के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
  • A. P-waves are transverse waves./पी-तरंगें, अनुप्रस्थ तरंगें हैं।
  • B. The place on the surface above focus is called epicenter./धरातल पर उद्गम केन्द्र के ऊपर के स्थान को अधिकेन्द्र कहते हैं।
  • C. Studying animal behavior is one of the methods of prediction of earthquakes adopted by local people./जानवरों के व्यवहार का अध्ययन स्थानीय लोगों द्वारा अपनाई गई भूकंप की भविष्यवाणी के तरीकों में से एक है।
  • D. More than one of the above/उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option D - भूकम्प में तरंगों के धरातल पर उद्गम केन्द्र के ऊपर के स्थान को अधिकेन्द्र कहते हैं। भूकम्प के भविष्यवाणी के अध्ययन में जानवरों के व्यवहार का अध्ययन एक कारगर उपाय है जिसे स्थानीय लोगों (मुख्यत: जनजातीय व पहाड़ी वासियों) द्वारा अपनाया जाता है। भूकम्प के दौरान मुख्य रूप से तीन प्रकार की तरंगे उत्पन्न होती हैं– 1. प्राथमिक अथवा अनुदैर्घ्य तरंगें – इन्हें P-तरंगे भी कहा जाता है। ये सबसे पहले धरातल पर पहुँचती है। S तरंगों की तुलना में झ् तरंगें 66% अधिक तीव्र होती है। 2. द्वितीय अथवा अनुप्रस्थ तरंगें – इन्हें S तरंगें भी कहा जाता है। ये केवल ठोस माध्यम में ही विचरण करती है। 3. धरातलीय तरंगें – इन्हें L तरंगें भी कहा जाता है। ये सबसे अधिक प्रभावशील होती हैं और सबसे लंबा मार्ग तय करती हैं।
D. भूकम्प में तरंगों के धरातल पर उद्गम केन्द्र के ऊपर के स्थान को अधिकेन्द्र कहते हैं। भूकम्प के भविष्यवाणी के अध्ययन में जानवरों के व्यवहार का अध्ययन एक कारगर उपाय है जिसे स्थानीय लोगों (मुख्यत: जनजातीय व पहाड़ी वासियों) द्वारा अपनाया जाता है। भूकम्प के दौरान मुख्य रूप से तीन प्रकार की तरंगे उत्पन्न होती हैं– 1. प्राथमिक अथवा अनुदैर्घ्य तरंगें – इन्हें P-तरंगे भी कहा जाता है। ये सबसे पहले धरातल पर पहुँचती है। S तरंगों की तुलना में झ् तरंगें 66% अधिक तीव्र होती है। 2. द्वितीय अथवा अनुप्रस्थ तरंगें – इन्हें S तरंगें भी कहा जाता है। ये केवल ठोस माध्यम में ही विचरण करती है। 3. धरातलीय तरंगें – इन्हें L तरंगें भी कहा जाता है। ये सबसे अधिक प्रभावशील होती हैं और सबसे लंबा मार्ग तय करती हैं।

Explanations:

भूकम्प में तरंगों के धरातल पर उद्गम केन्द्र के ऊपर के स्थान को अधिकेन्द्र कहते हैं। भूकम्प के भविष्यवाणी के अध्ययन में जानवरों के व्यवहार का अध्ययन एक कारगर उपाय है जिसे स्थानीय लोगों (मुख्यत: जनजातीय व पहाड़ी वासियों) द्वारा अपनाया जाता है। भूकम्प के दौरान मुख्य रूप से तीन प्रकार की तरंगे उत्पन्न होती हैं– 1. प्राथमिक अथवा अनुदैर्घ्य तरंगें – इन्हें P-तरंगे भी कहा जाता है। ये सबसे पहले धरातल पर पहुँचती है। S तरंगों की तुलना में झ् तरंगें 66% अधिक तीव्र होती है। 2. द्वितीय अथवा अनुप्रस्थ तरंगें – इन्हें S तरंगें भी कहा जाता है। ये केवल ठोस माध्यम में ही विचरण करती है। 3. धरातलीय तरंगें – इन्हें L तरंगें भी कहा जाता है। ये सबसे अधिक प्रभावशील होती हैं और सबसे लंबा मार्ग तय करती हैं।