Correct Answer:
Option C - शुष्क अन्तर्ग्राही (Dry Intake):-
∎ शुष्क अन्तर्ग्राही टावरों का उपयोग करके जलाशय के किसी भी चयनित स्तर से पानी निकाला जा सकता है।
∎ शुष्क अन्तर्ग्राही में, पानी सीधे गेट के प्रवेश बंदरगाहों के माध्यम से निकासी नाली में खींचा जाता है।
∎ शुष्क अन्तर्ग्राही टावर निर्माण में भारी होते है क्योेंकि गेट बंद होने पर भी यह अतिरिक्त उत्प्लावन बलों के अधीन होते हैं।
∎ अंतर्ग्राही टावरों को द्रवस्थैतिक वायु, भूकम्प और तरंग बलों के सबसे खराब संयोजन के लिए अभिकल्पित किया जाना चाहिए।
C. शुष्क अन्तर्ग्राही (Dry Intake):-
∎ शुष्क अन्तर्ग्राही टावरों का उपयोग करके जलाशय के किसी भी चयनित स्तर से पानी निकाला जा सकता है।
∎ शुष्क अन्तर्ग्राही में, पानी सीधे गेट के प्रवेश बंदरगाहों के माध्यम से निकासी नाली में खींचा जाता है।
∎ शुष्क अन्तर्ग्राही टावर निर्माण में भारी होते है क्योेंकि गेट बंद होने पर भी यह अतिरिक्त उत्प्लावन बलों के अधीन होते हैं।
∎ अंतर्ग्राही टावरों को द्रवस्थैतिक वायु, भूकम्प और तरंग बलों के सबसे खराब संयोजन के लिए अभिकल्पित किया जाना चाहिए।