search
Q: Which of the following statements is correct relating to Coriolis force? कोरिऑलिस बल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
  • A. It is originated due to the rotation of the earth. इसकी उत्पत्ति पृथ्वी के घूमने के कारण होती है।
  • B. It is responsible for the deflection of winds towards the right in the northern hemisphere and towards the left in the southern hemisphere. यह उत्तरी गोलार्द्ध में हवाओं के दाई ओर और दक्षिणी गोलार्द्ध में बाई ओर विक्षेपण के लिए जिम्मेदार है
  • C. It is originated due to the changes in temperature and pressure of the air. इसकी उत्पत्ति वायु के तापमान एवं दबाव में परिवर्तन के कारण होती है
  • D. More than one of the above उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. None of the above /उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option D - कोरिऑलिस बल की उत्पति पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन के कारण होती है तथा यह पवनों की दिशा को प्रभावित करता है। सन् 1844 में फ्रांसीसी वैज्ञानिक ने इसका विवरण प्रस्तुत किया और इसी पर इस बल को कोरिऑलिस बल कहा जाता है। इस प्रभाव से पवनें उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी मूल दिशा से दाहिने तरफ व दक्षिणी गोलार्द्ध में बायी तरफ विक्षेपित हो जाती हैं। कोरिआलिस बल दाब प्रवणता के समकोण पर कार्य करता है। दाब प्रवणता बल समदाब रेखाओं के समकोण पर होता है। जितनी दाब प्रवणता अधिक होगी, पवनों की दिशा उतनी ही अधिक विक्षेपित होगी।
D. कोरिऑलिस बल की उत्पति पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन के कारण होती है तथा यह पवनों की दिशा को प्रभावित करता है। सन् 1844 में फ्रांसीसी वैज्ञानिक ने इसका विवरण प्रस्तुत किया और इसी पर इस बल को कोरिऑलिस बल कहा जाता है। इस प्रभाव से पवनें उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी मूल दिशा से दाहिने तरफ व दक्षिणी गोलार्द्ध में बायी तरफ विक्षेपित हो जाती हैं। कोरिआलिस बल दाब प्रवणता के समकोण पर कार्य करता है। दाब प्रवणता बल समदाब रेखाओं के समकोण पर होता है। जितनी दाब प्रवणता अधिक होगी, पवनों की दिशा उतनी ही अधिक विक्षेपित होगी।

Explanations:

कोरिऑलिस बल की उत्पति पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन के कारण होती है तथा यह पवनों की दिशा को प्रभावित करता है। सन् 1844 में फ्रांसीसी वैज्ञानिक ने इसका विवरण प्रस्तुत किया और इसी पर इस बल को कोरिऑलिस बल कहा जाता है। इस प्रभाव से पवनें उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी मूल दिशा से दाहिने तरफ व दक्षिणी गोलार्द्ध में बायी तरफ विक्षेपित हो जाती हैं। कोरिआलिस बल दाब प्रवणता के समकोण पर कार्य करता है। दाब प्रवणता बल समदाब रेखाओं के समकोण पर होता है। जितनी दाब प्रवणता अधिक होगी, पवनों की दिशा उतनी ही अधिक विक्षेपित होगी।