Correct Answer:
Option A - प्रतिचक्रवात वृत्ताकार समदाब रेखाओं द्वारा घिरा हुआ वायु का एक ऐसा क्रम होता है, जिसके केन्द्र में वायुदाब उच्चतम होता है, जो बाहर की ओर घटता जाता है। अत: यह उच्चवायुदाब की प्रणालियाँ हैं। प्रतिचक्रवात में अपसारी वायु संचरण प्रणाली होती है, जिसके अन्तर्गत हवाएँ केन्द्र से परिधि की ओर चलती हैं। प्रतिचक्रवातों में पवन की दिशा उत्तरी गोलार्द्ध में दक्षिणावर्त तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में वामावर्त होती हैं। प्रतिचक्रवात के केन्द्र में हवाएँ ऊपर से नीचे उतरती हैं। अत: केन्द्र का मौसम साफ एवं वायु शांत होती है तथा वर्षा की सम्भावना नहीं होती हैं। अत: ये शुष्क मौसम की दशाओं के सूचक हैं। अत: कथन (1) गलत जबकि (2) व (3) सही हैं।
A. प्रतिचक्रवात वृत्ताकार समदाब रेखाओं द्वारा घिरा हुआ वायु का एक ऐसा क्रम होता है, जिसके केन्द्र में वायुदाब उच्चतम होता है, जो बाहर की ओर घटता जाता है। अत: यह उच्चवायुदाब की प्रणालियाँ हैं। प्रतिचक्रवात में अपसारी वायु संचरण प्रणाली होती है, जिसके अन्तर्गत हवाएँ केन्द्र से परिधि की ओर चलती हैं। प्रतिचक्रवातों में पवन की दिशा उत्तरी गोलार्द्ध में दक्षिणावर्त तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में वामावर्त होती हैं। प्रतिचक्रवात के केन्द्र में हवाएँ ऊपर से नीचे उतरती हैं। अत: केन्द्र का मौसम साफ एवं वायु शांत होती है तथा वर्षा की सम्भावना नहीं होती हैं। अत: ये शुष्क मौसम की दशाओं के सूचक हैं। अत: कथन (1) गलत जबकि (2) व (3) सही हैं।