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Q: Which of the following statements are correct in respect of the straight line method of charging deprecation? मूल्यह्रास चार्ज करने की सीधी रेखा पद्धति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? (i) It is easy to use/यह प्रयोग करने में आसान है। (ii) It is recognized by Accounting Standard 6 issued by ICAI/यह ICAI द्वारा लेखा मानक 6 द्वारा मान्यता प्राप्त है। (iii) It realistically matches the cost and the revenue/यह वास्तविक रूप से लागत और राजस्व से मेल खाता है। (iv) It takes into consideration the interest on the amount invested in fixed asset/यह अचल सम्पत्ति में निवेश की गई राशि पर ब्याज को ध्यान में रखता है। (v) This method is recognised by the Income Tax Act 1961/इस पद्धति को आयकर अधिनियम 1961 द्वारा मान्यता प्राप्त है।
  • A. (i), (ii), (iii)/ (i), (ii), (iii)
  • B. (i), (ii), (iv) and (v)/ (i), (ii), (iv) और(v)
  • C. (i), (ii), (iii), (iv) /(i), (ii), (iii), (iv)
  • D. (i), (ii), (v)/ (i), (ii), (v)
Correct Answer: Option A - सरल रेखा पद्धति- इस पद्धति को स्थायी प्रभाग व किस्त पद्धति के नाम से भी जाना जाता है। इस पद्धति के अनुसार ह्रास की राशि प्रतिवर्ष सामान रहती है। यह विधि बहुत ही आसानी से प्रयोग की जाती है। यह पद्धति स्थायी सम्पत्ति, कम मूल्य वाली सम्पत्तियों के लिये ज्यादा उपयोगी होती है। इसमें लेखांकन मानक 6 का प्रयोग होता है जो कि ICAI द्वारा निर्ममित किया गया। यह पद्धति लागत लेखा एवं आय लेखा दोनों के लिए विश्वसनीय है।
A. सरल रेखा पद्धति- इस पद्धति को स्थायी प्रभाग व किस्त पद्धति के नाम से भी जाना जाता है। इस पद्धति के अनुसार ह्रास की राशि प्रतिवर्ष सामान रहती है। यह विधि बहुत ही आसानी से प्रयोग की जाती है। यह पद्धति स्थायी सम्पत्ति, कम मूल्य वाली सम्पत्तियों के लिये ज्यादा उपयोगी होती है। इसमें लेखांकन मानक 6 का प्रयोग होता है जो कि ICAI द्वारा निर्ममित किया गया। यह पद्धति लागत लेखा एवं आय लेखा दोनों के लिए विश्वसनीय है।

Explanations:

सरल रेखा पद्धति- इस पद्धति को स्थायी प्रभाग व किस्त पद्धति के नाम से भी जाना जाता है। इस पद्धति के अनुसार ह्रास की राशि प्रतिवर्ष सामान रहती है। यह विधि बहुत ही आसानी से प्रयोग की जाती है। यह पद्धति स्थायी सम्पत्ति, कम मूल्य वाली सम्पत्तियों के लिये ज्यादा उपयोगी होती है। इसमें लेखांकन मानक 6 का प्रयोग होता है जो कि ICAI द्वारा निर्ममित किया गया। यह पद्धति लागत लेखा एवं आय लेखा दोनों के लिए विश्वसनीय है।