Explanations:
1857 के विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मौलवी अहमदुल्लाह शाह को आमतौर से डंका शाह या ढोल वाले मौलवी के रूप में जाना जाता है। 1857 के विद्रोह में इन्होंने 22वीं नेटिव इन्फैंट्री के सैनिकों का नेता बन कर जून,1857 में चिनहट के युद्ध में अंग्रेजों से मुकाबला किया। मौलवी अहमदुल्ला पर अंग्रेजी सरकार ने 50,000 रुपए का इनाम घोषित किया था क्योंकि 1857 के विद्रोह में वे अंग्रेजों के सबसे कट्टर दुश्मन थे। मौलवी अहमदुल्ला शाह को 5 जून, 1858 को रुहेलखंड की सीमा पर (शाहजहाँपुर) गोली मारकर हत्या कर दी गयी। इनका मकबरा शाहजहाँपुर में स्थित है।